लोकसभा में फिर हंगामा : प्रश्नकाल 7 मिनट में ढेर; राहुल पर ‘लाइफटाइम बैन’ की मांग से सियासत गरम
बजट सत्र और हंगामा—दोनों का रिश्ता अब पुराना हो चुका है। गुरुवार को लोकसभा में भी वही सीन दोहराया गया। सुबह 11 बजे सदन शुरू हुआ, लेकिन विपक्षी सांसद प्लेकार्ड और पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए। नारेबाजी शुरू हुई और प्रश्नकाल महज 7 मिनट में खत्म।
स्पीकर चेयर पर मौजूद केपी तेन्नेटी ने हालात काबू में न आते देख सदन स्थगित कर दिया। दोपहर 12 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू हुई। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा पहुंचे।
राहुल पर सब्सटेंसिव मोशन
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंसिव मोशन’ पेश किया। आरोप—देश को गुमराह करने का। मांग—सांसद सदस्यता खत्म हो और आजीवन चुनाव लड़ने पर रोक लगे।
सब्सटेंसिव मोशन मतलब वो प्रस्ताव जिस पर सदन सीधे चर्चा कर फैसला ले सकता है। यानी मामला गंभीर है, सिर्फ बयानबाजी नहीं।
हालांकि IANS के सूत्रों के मुताबिक सरकार ‘प्रिविलेज मोशन’ नहीं लाएगी, लेकिन 11 फरवरी के राहुल के भाषण के कुछ हिस्से हटाए जा सकते हैं।
रिजिजू बनाम प्रियंका
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने X पर वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि 4 फरवरी को स्पीकर चैंबर में विपक्षी सांसदों ने प्रियंका गांधी की मौजूदगी में गालियां दीं।
प्रियंका ने पलटवार किया—“ये झूठ है। मैंने किसी को उकसाया नहीं, मैं चुपचाप थी।”
राहुल का मीडिया पर हमला
संसद के बाहर राहुल गांधी ने मीडिया को भी नहीं बख्शा। बोले—
क्या आज का कोड वर्ड ‘प्रिविलेज मोशन’ है? पहले से बता दो। मीडिया कम से कम थोड़ा ऑब्जेक्टिव तो रहे।
जोशी का वार
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राहुल को “नासमझ पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन” बताया। कहा—
जो आरोप लगाए, उसका कोई सबूत नहीं।
दरअसल, राहुल ने लोकसभा में सवाल उठाया था कि इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी जेल में क्यों नहीं हैं? उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में था—ऐसा दावा किया।
पुराना मामला भी याद
मार्च 2023 में राहुल गांधी की सदस्यता सूरत कोर्ट की सजा के बाद खत्म हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 में सजा पर रोक लगाई और सदस्यता बहाल हुई।
अब सवाल—क्या इतिहास दोहराएगा या राजनीति एक और मोड़ लेगी?
विवाद की जड़
राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में अनिल अंबानी का नाम लेते हुए सवाल उठाया था कि वे जेल में क्यों नहीं हैं? साथ ही एपस्टीन फाइल्स का जिक्र किया।
बीजेपी ने इसे बिना सबूत का आरोप बताया। प्रल्हाद जोशी ने राहुल को “पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन” कहा।
सोशल मीडिया पर भी जंग
किरण रिजिजू ने X पर वीडियो डालकर विपक्ष पर गाली-गलौज का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने साफ इनकार किया।
राहुल का पलटवार
राहुल बोले—“मीडिया जिम्मेदार बने। हर दिन बीजेपी की लाइन पर शो चलाना बंद करे।”
पहले भी जा चुकी है सदस्यता
2023 में मानहानि केस में दो साल की सजा के बाद सदस्यता गई थी। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली, सीट वापस आई।
अब देखना ये है कि संसद का ये टकराव कानूनी मोड़ लेता है या सिर्फ सियासी गर्मी बनकर रह जाता है।
राजनीति में ‘मोशन’ अक्सर ‘इमोशन’ भी बन जाता है। और फिलहाल संसद में दोनों ही हाई हैं।
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