राहुल-प्रियंका ने SIR लिखे पोस्टर फाड़े : वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया को विपक्ष ने बताया लोकतंत्र पर हमला; संसद से सड़क तक प्रदर्शन
नई दिल्ली.
संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन विपक्ष ने बिहार में वोटर वेरिफिकेशन (SIR) प्रक्रिया को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर में गांधी प्रतिमा से नए संसद भवन के मकर द्वार तक पैदल मार्च निकाला।
मार्च के अंत में विपक्षी सांसदों ने SIR लिखे पोस्टर फाड़े और उन्हें प्रतीकात्मक डस्टबिन में डालते हुए "मोदी सरकार हाय-हाय" के नारे लगाए। कांग्रेस ने इसे संविधान और लोकतंत्र पर हमला करार दिया।



सदन 28 जुलाई तक स्थगित
लोकसभा में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके कारण सदन सिर्फ 20 मिनट ही चल सका। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों की बैठक बुलाई। तय हुआ कि 28 जुलाई से सदन सुचारू रूप से चलेगा और इसी दिन चर्चित ऑपरेशन सिंदूर पर भी बहस की जाएगी।
राज्यसभा में भी यही हाल रहा। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही कुछ ही मिनटों में हंगामे की भेंट चढ़ गई और सदन को 28 जुलाई सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
क्या है SIR विवाद? 2.93 करोड़ वोटर्स पर उठे सवाल
बिहार में वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल आक्रोशित हैं। चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को इस प्रक्रिया की घोषणा की थी, जो 25 जून से 26 जुलाई तक चलेगी। आयोग के अनुसार, इसका उद्देश्य अवैध वोटरों को हटाकर मतदाता सूची को अपडेट करना है।
बिहार में कुल 7.80 करोड़ वोटर्स में से 2.93 करोड़ को इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया में शामिल किया गया है। जबकि शेष 60% (करीब 4.96 करोड़ वोटर) को दस्तावेज़ देने से छूट दी गई है, क्योंकि वे 2003 की SIR प्रक्रिया में शामिल हो चुके हैं।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल गरीबों और अल्पसंख्यकों को वोट देने से वंचित करने के लिए किया जा रहा है।
विपक्ष का आरोप: संविधान के खिलाफ साजिश

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “वे गरीबों को वोट देने से रोकना चाहते हैं और सिर्फ एलीट वर्ग को वोट देने देना चाहते हैं। SIR पूरी तरह असंवैधानिक है और हम इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।”
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब संसद में गंभीर मुद्दों पर बहस चल रही है, तब पीएम विदेश में हैं। यह दर्शाता है कि उन्हें इस मसले की कोई परवाह नहीं।”
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने कहा, “हम गांधीवादी हैं, और शांतिपूर्ण तरीकों से लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आवाज़ उठाते रहेंगे।”
भाजपा का पलटवार: विपक्ष कर रहा है राजनीति
भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा, “आज जो संसद में हुआ, वह चिंताजनक है। स्पीकर ने बार-बार विपक्ष से सदन चलाने की अपील की, लेकिन वे राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं।”
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर सदन की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन 6 महीने बढ़ा
सत्र के दौरान मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 6 महीने के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव राज्यसभा में पारित किया गया। गृहमंत्री अमित शाह ने यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने मंजूरी दी। उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था।

32 दिन का मानसून सत्र: 15+ बिल होंगे पेश
21 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 18 बैठकें होंगी। केंद्र सरकार 8 नए और 7 लंबित बिल पेश करेगी, जिनमें प्रमुख हैं:
नए बिल:
मणिपुर GST संशोधन बिल, 2025
टैक्सेशन लॉ संशोधन बिल, 2025
जन विश्वास संशोधन बिल, 2025
राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक
भू-विरासत स्थल संरक्षण बिल
लंबित बिल:
नया इनकम टैक्स बिल, 2025 (622 पृष्ठ, 285 सुझाव)
इंडियन पोर्ट्स बिल, 2025
मर्चेंट शिपिंग बिल, 2024
कोस्टल शिपिंग बिल, 2024
कमल हासन ने ली राज्यसभा सदस्य की शपथ
अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने तमिल भाषा में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। वे अपनी पार्टी मक्कल नीधि मैयम के प्रमुख हैं।
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