इंडिगो की फ्लाइट आज से महंगी : घरेलू टिकट पर ₹1,300 तक फ्यूल चार्ज, इंटरनेशनल में ₹10 हजार तक; जानें नए रेट
नईदिल्ली.
नई बुकिंग पर हवाई सफर आज से महंगा हो गया है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ा दिया है। नए चार्ज 6 अक्टूबर की रात 12:01 बजे से होने वाली नई बुकिंग पर लागू हैं।
घरेलू उड़ानों में दूरी के हिसाब से अब ₹375 से ₹1,300 तक फ्यूल चार्ज देना होगा। वहीं इंटरनेशनल रूट पर यह चार्ज ₹1,000 से ₹10,000 तक होगा। एयरलाइन ने बढ़ोतरी की वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की लगातार बढ़ती कीमतों को बताया है।
घरेलू उड़ानों में ₹100 से ₹350 तक बढ़ा चार्ज
इंडिगो ने अप्रैल में घरेलू उड़ानों के लिए दूरी आधारित फ्यूल चार्ज लागू किया था। अब उसी स्ट्रक्चर में फिर बढ़ोतरी की गई है। सबसे ज्यादा दूरी वाली घरेलू उड़ानों पर फ्यूल चार्ज ₹950 से बढ़कर ₹1,300 हो गया है। यानी घरेलू उड़ानों में फ्यूल चार्ज ₹100 से ₹350 तक बढ़ा है।

इंटरनेशनल उड़ानों पर भी बढ़ा बोझ

मार्च में पहली बार लगा था फ्यूल चार्ज
इंडिगो ने इस साल 14 मार्च से पहली बार फ्यूल चार्ज लागू किया था। उस समय घरेलू उड़ानों पर प्रति सेक्टर ₹425 का फ्लैट चार्ज लगाया गया था। इसके बाद 2 अप्रैल से एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों में दूरी के आधार पर चार्ज तय किया, जो ₹275 से ₹950 तक था। अब अक्टूबर में अप्रैल के बाद दूसरी बार फ्यूल चार्ज में बदलाव किया गया है।
तीन महीने में ATF ₹27.28 प्रति लीटर महंगा
इंडिगो के फ्यूल चार्ज बढ़ाने के पीछे ATF की कीमतों में तेज उछाल है। दिल्ली में घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत अक्टूबर में ₹16 प्रति लीटर बढ़कर करीब ₹137 हो गई, जो सितंबर में करीब ₹121.28 थी।
पिछले तीन महीनों में बढ़ोतरी इस तरह रही-
अगस्त: ₹5 प्रति लीटर
सितंबर: ₹6.28 प्रति लीटर
अक्टूबर: ₹16 प्रति लीटर
इस तरह अगस्त से अक्टूबर के बीच ATF करीब ₹27.28 प्रति लीटर महंगा हुआ है। अक्टूबर की बढ़ोतरी करीब 13% रही।
ATF की कीमत 10 साल के ऊंचे स्तरों में
इंडिगो के मुताबिक पिछले एक महीने में ATF की कीमतों में 14% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इससे एविएशन फ्यूल की लागत पिछले दशक के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है।
एयरलाइन ने कहा कि फ्यूल लागत का पूरा असर किराए में डालने के लिए इससे कहीं ज्यादा चार्ज बढ़ाना पड़ता, लेकिन ग्राहकों पर असर सीमित रखने के लिए बढ़ोतरी को अपेक्षाकृत नियंत्रित रखा गया है।
एयरलाइन की लागत में फ्यूल का बड़ा हिस्सा
ATF एयरलाइंस के सबसे बड़े खर्चों में शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सामान्य तौर पर यह एयरलाइन के ऑपरेटिंग खर्च का करीब 30-40% या उससे अधिक हिस्सा हो सकता है। इसलिए जेट फ्यूल की कीमत बढ़ने का सीधा असर एयरलाइंस की लागत और टिकट की कीमतों पर पड़ता है।
टिकट की कीमत किन चीजों से बनती है?

हवाई टिकट का अंतिम किराया सिर्फ बेस फेयर नहीं होता। इसमें कई तरह के शुल्क शामिल होते हैं। फ्यूल चार्ज बढ़ने का असर टिकट की कुल कीमत पर दिखाई देता है। अक्टूबर में लागू नए चार्ज से खासकर लंबी दूरी की घरेलू और यूरोप समेत कुछ इंटरनेशनल उड़ानों का किराया बढ़ेगा।
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