दिल्ली अलर्ट मोड में : लाल किला–चांदनी चौक पर खतरे की सूचना; लश्कर के नाम से बढ़ी चौकसी
नईदिल्ली.
दिल्ली की हवा में इस वक्त हल्की-सी बेचैनी है। वजह—खुफिया इनपुट।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba भारत की कुछ प्रमुख धार्मिक जगहों को निशाना बना सकता है। सूचना मिलते ही राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सबसे ज्यादा फोकस—पुरानी दिल्ली।

निशाने पर क्या है?
खुफिया जानकारी में कहा गया है कि IED यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस के जरिए हमला कराया जा सकता है।
संभावित टारगेट बताए जा रहे हैं:
Red Fort के आसपास का इलाका
Chandni Chowk
चांदनी चौक क्षेत्र का एक प्रमुख मंदिर
हालांकि अधिकारियों ने साफ कहा है कि इन सूचनाओं की जांच जारी है। अभी तक किसी ठोस साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।


दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां एक्शन में
राजधानी में शनिवार से ही कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई गई
संदिग्ध वाहनों की सघन जांच
भीड़भाड़ वाले इलाकों में पेट्रोलिंग तेज
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड अलर्ट पर
क्विक रिएक्शन टीमें तैयार
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु, बैग या गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
अधिकारियों का कहना है—“घबराने की जरूरत नहीं है। ये कदम एहतियात के तौर पर उठाए गए हैं।”

10 नवंबर की घटना अब भी ताजा
यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके की याद अभी धुंधली नहीं हुई है।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास विस्फोटकों से भरी कार में धमाका हुआ था।
उस विस्फोट में:
13 लोगों की मौत
20 से ज्यादा लोग घायल
धमाके के बाद आसपास खड़ी गाड़ियों में आग लग गई थी और इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि ऐसी घटनाओं के बाद सतर्कता और बढ़ जाती है। इसलिए किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
बदले की साजिश?
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि 6 फरवरी को पाकिस्तान के Islamabad में एक मस्जिद में हुए धमाके के बाद कट्टरपंथी संगठनों के भीतर बदले की भावना उभरी है।
आशंका जताई जा रही है कि उसी की प्रतिक्रिया में भारत में बड़ी आतंकी वारदात की कोशिश हो सकती है।
हालांकि आधिकारिक स्तर पर इस लिंक की पुष्टि नहीं की गई है।
क्या आम लोगों को डरने की जरूरत है?
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है—नहीं।
दिल्ली जैसे महानगर में रोज लाखों लोग लाल किला और चांदनी चौक जैसे इलाकों में आते-जाते हैं। त्योहारों और वीकेंड पर यहां भीड़ और बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी अलर्ट को गंभीरता से लेना जरूरी है।
लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। सवाल ये नहीं कि खतरा है या नहीं। सवाल ये है कि क्या तैयारी पूरी है? और फिलहाल एजेंसियां यही कह रही हैं—तैयारी पूरी है।
दिल्ली की कहानी: अलर्ट, लेकिन सामान्य
राजधानी में जिंदगी अपने ढर्रे पर चल रही है। बाजार खुले हैं, पर्यटक आ रहे हैं, नमाज और आरती भी हो रही है।
बस फर्क इतना है कि अब हर बैग पर नजर है। हर गाड़ी की जांच हो रही है। और हर संदिग्ध हलचल पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की तैयारी है।
दिल्ली अलर्ट मोड में है। और इस बार मैसेज साफ है— डर नहीं, चौकसी जरूरी है।
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