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29th August 2026

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AI समिट में ‘टी-शर्ट पॉलिटिक्स’ : कांग्रेस का प्रोटेस्ट, भाजपा का पलटवार… सड़क से कोर्ट तक सियासत हाई-वोल्टेज

News Affair Team

Sat, Feb 21, 2026

नईदिल्ली.

दिल्ली का भारत मंडपम। मंच पर दुनिया के 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि। AI, टेक्नोलॉजी और फ्यूचर की बातें। और अचानक हॉल नंबर-5 के पास टी-शर्ट लहराते 15-20 युवा।

टी-शर्ट पर फोटो—PM और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump। नीचे लिखा—“PM is Compromised.”

बस, यहीं से कहानी ने टेक्नोलॉजी से टर्न लेकर सियासत की गली पकड़ ली।

मामला क्या है?

20 फरवरी को दिल्ली के Bharat Mandapam में चल रहे इंडिया AI समिट 2026 के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया।

वीडियो सामने आए। टी-शर्ट, नारे और हल्का धक्का-मुक्की।

दिल्ली पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया—

  • कृष्णा हरि (सेक्रेटरी, इंडियन यूथ कांग्रेस)

  • कुंदन यादव (बिहार स्टेट सेक्रेटरी)

  • अजय कुमार (यूपी स्टेट वाइस प्रेसिडेंट)

  • नरसिम्हा यादव (नेशनल कोऑर्डिनेटर)

FIR तिलक मार्ग थाने में दर्ज। धाराएं गंभीर—आपराधिक साजिश, सरकारी कर्मचारी पर हमला, ड्यूटी में बाधा।

भाजपा का जवाब: “राहुल गांधी माफी मांगें”

प्रदर्शन की खबर आई, और शनिवार को भाजपा सड़कों पर उतर आई। दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता पोस्टर लेकर खड़े—
“कांग्रेस-राहुल गांधी = गद्दार”, “देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगे”

मुंबई के मुलुंड में तो कार्यकर्ताओं ने Rahul Gandhi के काफिले को काले झंडे दिखाए। वे भिवंडी कोर्ट जा रहे थे, जहां 2014 में RSS पर की गई टिप्पणी से जुड़े केस में पेशी थी। सूरत में कांग्रेस का पुतला जला। जम्मू-कश्मीर में भी विरोध। यानी AI समिट से उठी चिंगारी चार राज्यों में फैल गई।

पुलिस का वर्जन: “प्लानिंग थी”

दिल्ली पुलिस के मुताबिक—

  • प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया

  • QR कोड स्कैन कर एंट्री ली

  • ऊपर स्वेटर-जैकेट, अंदर टी-शर्ट

  • सही समय देखकर जैकेट उतारी और प्रदर्शन शुरू

सूत्रों का दावा है कि पहले काले छाते पर स्टिकर चिपकाकर अंदर जाने की योजना थी। फिर टी-शर्ट प्लान बना।

सरकारी वकील ने कोर्ट में कहा—

“इंटरनेशनल नेताओं की मौजूदगी में देश विरोधी नारे लगे। तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। मोबाइल जब्त कर फंडिंग की जांच जरूरी है।”

पुलिस ने 5 दिन की कस्टडी मांगी है।

बचाव पक्ष की दलील: “शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट”

पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपियों के वकील ने कहा—

  • यह राजनीतिक प्रदर्शन था

  • किसी वीडियो में हिंसा नहीं दिखती

  • FIR राजनीतिक चाल है

  • सभी आरोपी पढ़े-लिखे लोग हैं

कोर्ट ने कस्टडी और बेल पर आदेश सुरक्षित रख लिया है।

भाजपा का हमला: कांग्रेस के लिए “AI मतलब Anti-India”

केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने सोशल मीडिया पर लिखा—

“यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है। राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना सरकार को निशाना बनाने का तरीका है।”

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह “प्रयोग” था और इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनी।

तेलंगाना में BJYM अध्यक्ष गणेश कुंडे बोले—

“कांग्रेस देश के खिलाफ साजिश कर रही है।”

कांग्रेस की तरफ से जवाब

इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा—

“हम संविधान के सिपाही हैं। राहुल गांधी के सिपाही हैं। डरेंगे नहीं।”

RJD सांसद मनोज झा ने भी कहा कि देश में आक्रोश है, लेकिन इंटरनेशनल समिट में प्रदर्शन ठीक नहीं था।

समिट कितना बड़ा था?

इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन 16 फरवरी को Narendra Modi ने किया था।

थीम—“सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय”।

  • 100+ देशों के प्रतिनिधि

  • 20+ राष्ट्राध्यक्ष

  • 60+ मंत्री

  • 45+ टेक कंपनियों के प्रमुख

  • 300+ प्रदर्शक

यह मंच AI के जरिए खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में बदलाव की चर्चा के लिए था। लेकिन चर्चा अब टी-शर्ट और नारे पर आ अटकी है।

असली सवाल क्या हैं?

  1. क्या इंटरनेशनल मंच पर राजनीतिक प्रदर्शन ठीक है?

  2. क्या विरोध का अधिकार और देश की छवि—दोनों साथ चल सकते हैं?

  3. क्या यह महज प्रोटेस्ट था या प्लान्ड पॉलिटिकल मैसेज?

  4. और क्या भाजपा का पलटवार भी उतना ही राजनीतिक नहीं?

सड़क से कोर्ट तक

शुक्रवार शाम भाजपा कार्यकर्ता राहुल गांधी के घर के बाहर जुटे। नारे लगे—“राहुल गांधी मुर्दाबाद।” पोस्टर जले।
दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। यानी जो हंगामा समिट के अंदर हुआ, उसका जवाब बाहर मिला।

सियासत का AI मॉडल

दिलचस्प बात ये है कि जिस मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्लोबल पार्टनरशिप और भविष्य की टेक्नोलॉजी पर बात हो रही थी, वहीं असली ‘ह्यूमन इमोशन’ हावी हो गया—गुस्सा, आरोप, प्रत्यारोप।

एक तरफ कांग्रेस कह रही है—हम ट्रेड डील और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा कह रही है—यह भारत की छवि खराब करने की साजिश है।

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