राम मंदिर के शिखर पर स्वर्ण जड़ित कलश : अयोध्या में 5 जून को राम दरबार का प्राण प्रतिष्ठा समारोह; कल से प्रारंभ होंगे अनुष्ठान
News Affair Team
Mon, Jun 2, 2025
अयोध्या.
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर स्वर्ण जड़ित भव्य कलश को स्थापित कर दिया गया है, जो दूर से ही अपनी चमक से श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। मंदिर का यह स्वर्णिम दृश्य अब रामभक्तों के लिए नई आस्था और गर्व का प्रतीक बन गया है।
29 अप्रैल को मंदिर शिखर पर 42 फीट ऊंचा धर्म ध्वजदंड स्थापित किया गया था। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर का शिखर 161 फीट ऊंचा है और ध्वज लगने के बाद कुल ऊंचाई 203 फीट हो गई है। यह ध्वजदंड पीतल (ब्रास) से बना है, जिसका वजन 5.5 टन है। इसे 60 कारीगरों ने 7 महीने में तैयार किया है और इसकी अनुमानित आयु 100 वर्ष है।
राम दरबार सहित 7 मंदिरों में होगी की भव्य प्राण प्रतिष्ठा
गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर 5 जून को मंदिर में राम दरबार सहित कुल 7 मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया जाएगा। यह अनुष्ठान स्थिर लग्न और अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11 बजे के बाद प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं, जिन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

3 जून से प्रारंभ होंगे अनुष्ठान
प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठानों की शुरुआत 3 जून को होगी। इससे पहले 2 जून को महिलाओं द्वारा सरयू जल कलश यात्रा निकाली जाएगी। 3 और 4 जून को सभी मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ का आयोजन होगा, जो सुबह 6:30 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा। 5 जून को अंतिम अनुष्ठान सुबह 5:30 बजे से शुरू होगा और प्राण प्रतिष्ठा 11 बजे के बाद संपन्न होगी।

राम दरबार सहित 7 मंदिरों की मूर्तियां तैयार
मंदिर के प्रथम तल पर श्रीराम दरबार की स्थापना की गई है। यहां भगवान श्रीराम और माता सीता सिंहासन पर विराजमान हैं, उनके चरणों में भरत और हनुमान जी की मूर्तियां हैं। ये मूर्तियां मकराना के सफेद संगमरमर से जयपुर में बनी हैं और इनका निर्माण सत्य नारायण पांडे, गोविंद, केशव समेत पांच मूर्तिकारों ने किया है।
परकोटे में भगवान सूर्य, गणेश, हनुमान, शिव, माता भगवती और माता अन्नपूर्णा के मंदिर स्थापित हैं। इनके साथ सप्त मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, अगस्त्य, वशिष्ठ, निषादराज, अहिल्या और शबरी की मूर्तियां भी स्थापित की जा चुकी हैं।
· प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना की गई है, जिसमें भगवान श्रीराम और सीता सिंहासन पर विराजमान हैं, जबकि भरत और हनुमान उनके चरणों के पास बैठे हैं।
· परकोटे में बने 6 अन्य मंदिरों में भगवान सूर्य, गणेश, हनुमान, शिव, माता भगवती और माता अन्नपूर्णा की मूर्तियों की स्थापना की जा चुकी है।
· इसके अलावा सप्त मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, अगस्त्य, वशिष्ठ, निषादराज, अहिल्या और शबरी की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं।
लाइव टेलीकास्ट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्राण प्रतिष्ठा समारोह का सीधा प्रसारण किया जाएगा। हालांकि, यह अब तक तय नहीं हुआ है कि प्रथम तल और परकोटे के मंदिरों को आम भक्तों के लिए कब से खोला जाएगा। मंदिर परिसर में तैयारियों के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
भक्तों के लिए जारी रहेगा रामलला का दर्शन
प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी रामलला का ग्राउंड फ्लोर पर दर्शन जारी रहेगा। ट्रस्ट ने जानकारी दी है कि इस महाआयोजन में अयोध्या और काशी के 101 आचार्य, 20 संत-धर्माचार्य, 15 गृहस्थ और ट्रस्ट पदाधिकारी शामिल होंगे।

सज रही है अयोध्या नगरी
पूरे अयोध्या शहर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विशेष सजावट की जा रही है। मंदिर परिसर को फूल-मालाओं, दीपों और भगवाध्वजों से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, और नगर प्रशासन पूरी तत्परता से व्यवस्था में जुटा है।
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