NDA में रचा गया इतिहास : पहली बार 17 महिला कैडेट्स ने पास की पासिंग आउट परेड; जनरल वी.के. सिंह बोले– ये नारी शक्ति को सलाम है
पुणे.
आज का दिन भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से पहली बार महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ। 17 महिला कैडेट्स ने 300 से अधिक पुरुष कैडेट्स के साथ ग्रेजुएशन पूरी कर सेना, नौसेना और वायुसेना का हिस्सा बनने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया।
यह वो ऐतिहासिक क्षण था जिसका इंतज़ार देश की लाखों बेटियाँ कर रही थीं — एक ऐसा मौका जब सेना में बराबरी से कदम रखने का अधिकार उन्हें मिला।

75 सालों का इंतजार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से टूटी दीवार
साल 2021 से पहले महिलाओं को NDA में शामिल होने की अनुमति नहीं थी। दिल्ली के वकील कुश कालरा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त 2021 को बड़ा फैसला देते हुए लड़कियों के लिए NDA के दरवाजे खोल दिए। इसके बाद 2022 में पहली बार 17 महिला कैडेट्स को NDA में दाखिला मिला, जो आज उस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर ग्रेजुएट हुई हैं।
जनरल वी.के. सिंह ने ली परेड की सलामी
खडकवासला स्थित NDA परिसर में आयोजित पासिंग आउट परेड में पूर्व सेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जनरल वी.के. सिंह मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली और कैडेट्स को प्रेसिडेंट्स अवॉर्ड से नवाजा।
जनरल सिंह ने कहा— “आज इतिहास में पहली बार इस ग्राउंड से बेटियां भी पास हो रही हैं। ये केवल ट्रेनिंग का अंत नहीं, बल्कि नए अवसरों की शुरुआत है। नारी शक्ति को मेरा सलाम।”
हरियाणा की हरसिमरन कौर बनेंगी नेवी अफसर

हरियाणा की हरसिमरन कौर NDA से पास होने वाली उन महिला कैडेट्स में शामिल हैं जो अब इंडियन नेवल एकेडमी जाएंगी। हरसिमरन के पिता आर्मी में हवलदार रहे हैं और दादा भी सैन्य पृष्ठभूमि से हैं।
हरसिमरन बताती हैं— “मैं JEE की तैयारी कर रही थी, तभी दोस्त ने बताया कि NDA में अब लड़कियां भी शामिल हो सकती हैं। उस पल से मेरा सपना बन गया कि मैं फौज में जाऊं।”
श्रीती दक्ष – विंग कमांडर की बेटी, अब अफसर बनने की राह पर

श्रीती दक्ष, जिनके पिता एयरफोर्स में विंग कमांडर रह चुके हैं, कहती हैं कि NDA का अनुभव उनकी कल्पना से भी बेहतर रहा।
“जब मैं परेड में शामिल होऊंगी, तब शायद वही गर्व महसूस करूंगी जो कभी मेरे पिता ने किया होगा।”
इशिता सांगवान – बिना सैन्य पृष्ठभूमि से लेकर सैन्य जीवन तक

गुरुग्राम की इशिता सांगवान का कोई सैन्य बैकग्राउंड नहीं है। उनके माता-पिता कॉर्पोरेट सेक्टर में हैं और भाई IT इंडस्ट्री में। लेकिन NDA में प्रवेश की खबर ने उनकी ज़िंदगी की दिशा बदल दी।
“मैं इकॉनॉमिक्स में ग्रेजुएशन कर रही थी। NDA में महिला कैडेट्स की भर्ती की खबर ने मुझे प्रेरित किया। आज मैं इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करती हूं।”
देखें परेड की झलकियां:





देश की बेटियों को सलाम
NDA से पास होकर ये महिलाएं अब इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अधिकारी बनने के लिए अगले चरण की ट्रेनिंग लेंगी। ये पल न केवल सैन्य इतिहास के लिए खास है, बल्कि उन लाखों लड़कियों के लिए भी प्रेरणा है जो अब सेना में करियर बनाने का सपना देख सकती हैं।
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