ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 6 फाइटर जेट मारे : दावा- भारतीय वायुसेना ने 3 एयरक्राफ्ट और 10 से अधिक ड्रोन भी गिराए थे; हाई वैल्यू टारगेट्स पर लगा सटीक निशाना
नई दिल्ली.
भारतीय वायुसेना ने 6 से 10 मई के बीच चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया था। न्यूज एजेंसी ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि इस कार्रवाई में पाकिस्तान के 6 फाइटर जेट, 3 एयरक्राफ्ट और 10 से अधिक ड्रोन व क्रूज मिसाइलें तबाह कर दी गईं। हमला पंजाब और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर केंद्रित था।
ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने अपने रडार, एयर डिफेंस सिस्टम और सुदर्शन मिसाइल की मदद से पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों को हवा में ही निशाना बनाया। 300 किलोमीटर दूर उड़ रहे एक हाई-वैल्यू एयरक्राफ्ट को भी मार गिराया गया, जो या तो AEW&C या इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस था।

सेफ सेंटर में छिपे ड्रोन भी नष्ट
राफेल और सुखोई-30 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तानी एयरबेस के सेफ सेंटर (हैंगर) पर हमला कर वहां छिपाए गए चीन निर्मित 'विंग लूंग' ड्रोन को नष्ट कर दिया। भोलारी एयरबेस पर तैनात स्वीडिश मूल का AEWC विमान भी इस हमले में बर्बाद हुआ।
भारत ने इस ऑपरेशन में केवल एयर लॉन्च क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। ब्रह्मोस जैसी ग्राउंड-बेस्ड मिसाइलें ऑपरेशन में शामिल नहीं थीं।
पाकिस्तान की 48 घंटे में भारत को हराने की योजना ध्वस्त
CDS जनरल अनिल चौहान ने 3 जून को प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पाकिस्तान ने 10 मई की रात 1 बजे भारत को 48 घंटे में झुकाने की योजना बनाई थी। उसने कई मोर्चों पर हमला किया, लेकिन भारतीय प्रतिक्रिया ने 8 घंटे में ही उसकी रणनीति को विफल कर दिया। अंततः पाकिस्तान को सीजफायर की अपील करनी पड़ी।
7 मई को 9 आतंकी ठिकानों पर हमले
7 मई की सुबह 10:30 बजे सरकार ने एक प्रेस ब्रीफिंग के ज़रिए बताया कि रात 1:04 से 1:28 बजे के बीच 24 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए गए। इस प्रेस कांफ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी (आर्मी) और विंग कमांडर व्योमिका सिंह (वायुसेना) ने पहली बार मीडिया को जानकारी दी। साथ में विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहे।
9 बड़े आतंकी ठिकाने जिन्हें भारतीय वायुसेना ने तबाह किया
ठिकाना | आतंकी संगठन |
मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर | जैश-ए-मोहम्मद |
मरकज तैयबा, मुरीदके | लश्कर-ए-तैयबा |
सरजल, तेहरा कर्ता | जैश-ए-मोहम्मद |
महमूना जोया, सियालकोट | हिजबुल मुजाहिदीन |
मरकज अहले हदीस, बरनाला | लश्कर-ए-तैयबा |
भरकज अब्बास, कोटली | जैश-ए-मोहम्मद |
मस्कर राहील शाहिद, कोटली | हिजबुल मुजाहिदीन |
शावई नाला कैप, मुजफ्फराबाद | लश्कर-ए-तैयबा |
सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद | जैश-ए-मोहम्मद |
विदेश सचिव का बयान: कश्मीर को पिछड़ा बनाए रखने की कोशिश
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि पहलगाम हमला आतंकियों की एक कायराना हरकत थी, जिसमें परिवारों के सामने लोगों की निर्मम हत्या की गई। इसका मकसद कश्मीर की प्रगति को रोकना था। उन्होंने कहा कि TRF जैसे आतंकी समूहों का मकसद देश में डर और अव्यवस्था फैलाना है।
सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश
सेना ने कहा कि इस तरह का हमला देश में सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश थी। आतंकी संगठन The Resistance Front (TRF) ने इसकी जिम्मेदारी ली है, जो कि UN द्वारा प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। TRF को पाकिस्तानी आतंकी समूहों का एक कवर संगठन बताया गया।
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