विकसित भारत 2047 : एशियन डेवलपमेंट बैंक भारत को हर साल देगा $4.5 बिलियन तक की मदद; ADB अध्यक्ष कांडा ने PM मोदी से की मुलाकात
नई दिल्ली.
एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के अध्यक्ष मासातो कांडा ने भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत के "विकसित भारत 2047" विजन को साकार करने में ADB की गहरी भागीदारी की घोषणा की।
कांडा ने कहा कि ADB भारत को हर साल $4 से $4.5 बिलियन (लगभग ₹34,000 करोड़ से ₹38,000 करोड़) तक सॉवरेन लोन और लगभग $1 बिलियन (₹8,500 करोड़) का निजी क्षेत्र के लिए वित्त पोषण देगा। इसके अतिरिक्त थर्ड-पार्टी कैपिटल भी जुटाया जाएगा।
Viksit Bharat 2047 पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान कांडा ने कहा, "भारत का 'विकसित भारत 2047' विजन बेहद महत्वाकांक्षी है, और ADB इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने में पूरी तरह समर्पित है। अगले पांच वर्षों में ADB $10 बिलियन (₹85,000 करोड़) की मदद देगा, जिसमें थर्ड-पार्टी कैपिटल भी शामिल होगा।"
इस राशि का उपयोग शहरी बुनियादी ढांचे, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर्स और सिटी सर्विसेज के आधुनिकीकरण के लिए किया जाएगा।
"बजट प्लस, फाइनेंस प्लस" मॉडल की सराहना
कांडा ने कहा, "मैंने कल नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की ताकि ADB और भारत के बीच साझेदारी को और गहरा किया जा सके। मैंने उनके ‘बजट प्लस, फाइनेंस प्लस’ एजेंडे का स्वागत किया, जो राजकोषीय अनुशासन को नवाचार से जोड़ता है। उनके द्वारा उठाया गया ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत, यानी अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना, हमारे साझा लक्ष्य का प्रमुख आधार है।"
ADB अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस एजेंडे के तहत नवीन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, खासकर सोलर रूफटॉप जैसे प्रोजेक्ट्स को, जो भारत में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।

शहरी परिवर्तन और ग्रामीण समृद्धि – दोनों पर एक साथ ध्यान
कांडा ने स्पष्ट किया कि ADB का ध्यान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, "वित्त मंत्री के अनुरोध पर हम एकीकृत ग्रामीण समृद्धि को भी प्रमुखता देंगे। इसके तहत खाद्य प्रणाली में सुधार, रोजगार सृजन, और स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे गांव आत्मनिर्भर और लचीले समुदायों में बदल सकें।"
ADB ग्रामीण भारत के लिए खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छता, और हरित ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने की योजना बना रहा है।
निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए मजबूत रणनीति
ADB अध्यक्ष ने कहा कि बैंक भारत में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल विशेषज्ञता, जोखिम कम करने वाले उपकरण, और मजबूत PPP (पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप) फ्रेमवर्क का प्रयोग करेगा। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और निवेश की गति तेज होगी।
उन्होंने कहा, "हमारी साझेदारी भारत को एक समृद्ध, समावेशी, लचीला और टिकाऊ राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करेगी। हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक भारत की हर गली, हर गांव और हर शहर में प्रगति पहुंचे।"
Urban Challenge Fund से होगी नई परियोजनाओं की शुरुआत
ADB की यह नई पहल भारत के Urban Challenge Fund (UCF) के तहत चलाई जाएगी, जो नगर निकायों की क्षमता निर्माण के साथ-साथ प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस फंड का उद्देश्य है उन प्रोजेक्ट्स को गति देना जो शहरी जीवन को बेहतर बनाते हैं, जैसे-
· मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
· आरआरटीएस कॉरिडोर्स का निर्माण
· स्मार्ट जल प्रबंधन और सीवरेज सिस्टम
· सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
· हाउसिंग फॉर ऑल
कांडा ने कहा, "भारत की तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को देखते हुए, हमें आधुनिक, टिकाऊ और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है। ADB इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ सहयोग करेगा।"
भारत: ADB का सबसे बड़ा भागीदार
ADB के लिए भारत 1966 से एक संस्थापक सदस्य रहा है और आज यह उसका सबसे बड़ा कर्जदार (largest borrower) है। कांडा ने कहा कि भारत के साथ संबंध केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि साझा विकास के मूल्यों पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा, "भारत ने ADB के साथ मिलकर शहरी विकास, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। अब हम अगले स्तर की साझेदारी के लिए तैयार हैं, जहां ज्ञान, पूंजी और तकनीक को एक साथ मिलाकर देश को विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर किया जाएगा।"
ADB के 2047 तक के भारत विजन के मुख्य स्तंभ
1. विकसित शहरी ढांचा: स्मार्ट शहर, मेट्रो और RRTS नेटवर्क का विस्तार, बेहतर नागरिक सेवाएं
2. ग्रामीण समृद्धि: खाद्य प्रणाली सुधार, उद्यमिता, रोज़गार
3. स्वच्छ ऊर्जा: सोलर रूफटॉप्स, रिन्यूएबल एनर्जी फंडिंग
4. मानव संसाधन विकास: स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, महिला सशक्तिकरण
5. निजी निवेश को बढ़ावा: PPP मॉडल, डी-रिस्किंग टूल्स, थर्ड पार्टी कैपिटल
6. समावेशी और सतत विकास: अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुंच
दिल्ली-मेरठ RRTS और ReNew एनर्जी प्रोजेक्ट का निरीक्षण
ADB अध्यक्ष ने दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर, जो ADB समर्थित है, का निरीक्षण किया और इससे जुड़े स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के लाभार्थियों से बातचीत की।
इसके अलावा उन्होंने गुरुग्राम स्थित ReNew एनर्जी फर्म का दौरा किया और इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंस, एनर्जी सेक्टर के कॉर्पोरेट लीडर्स के साथ राउंड टेबल बैठक भी की।
10 वर्षों में मेट्रो-ट्रांजिट प्रोजेक्ट्स में 34,000 करोड़ से ज्यादा निवेश
ADB ने बीते 10 वर्षों में मेट्रो और RRTS प्रोजेक्ट्स में करीब 4 बिलियन डॉलर (34,220 करोड़ रुपए) का निवेश किया है। यह निवेश दिल्ली, मुंबई, नागपुर, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे 8 प्रमुख शहरों में फैले 300 किलोमीटर तक के नेटवर्क में किया गया है।
भारत को कुल समर्थन: 5.09 लाख करोड़ रुपए
अप्रैल 2025 तक ADB ने भारत को 59.5 बिलियन डॉलर (5.09 लाख करोड़ रुपए) का सॉवरेन लोन दिया है।
इसमें से 9.1 बिलियन डॉलर (77,860 करोड़ रुपए) नॉन-सॉवरेन निवेश है। बैंक का एक्टिव पोर्टफोलियो 81 लोन के माध्यम से 16.5 बिलियन डॉलर (1.41 लाख करोड़ रुपए) का है।
ADB एक मल्टीलेटरल डेवलपमेंट बैंक है, जिसकी स्थापना 1966 में हुई थी। इसके 69 सदस्य देश हैं, जिनमें 50 एशिया-पैसिफिक क्षेत्र से हैं।
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