भोपाल में खुलेगा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय : मोहन यादव कैबिनेट बैठक, 4572 करोड़ से होगी सड़कों की मरम्मत; एक बगिया मां के नाम योजना को मंजूरी
admin
Tue, Jul 1, 2025
भोपाल.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। प्रमुख रूप से, गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) का एक नया कैम्पस भोपाल में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की 10 एकड़ जमीन दी गई है।
साथ ही, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत राज्य के 1766 जर्जर पुलों की मरम्मत के लिए 4572 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा "एक बगिया मां के नाम" योजना सहित कई सामाजिक और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई।

युवाओं को मिलेगा स्किल का लाभ
डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने जानकारी दी कि भोपाल में बनने वाला RRU कैम्पस राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा शिक्षा और रोजगार की नई संभावनाएं खोलेगा।
जब तक विश्वविद्यालय का स्थायी भवन नहीं बन जाता, तब तक इसे RGPV के भवन से अस्थायी रूप से संचालित किया जाएगा। तीन वर्षों के लिए राज्य सरकार प्रति वर्ष 1.05 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी देगी।
4572 करोड़ की लागत से मरम्मत होंगे 1766 पुल
राज्य के कई जिलों में पीएम ग्रामीण सड़क योजना के तहत बने पुल जर्जर हालत में हैं, जिससे आवागमन में बाधा आ रही है। कैबिनेट ने MP ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को इन पुलों की मरम्मत की जिम्मेदारी सौंपी है। इस निर्णय से गांवों में यातायात, कृषि और आपातकालीन सेवाएं बेहतर होंगी।
"एक बगिया मां के नाम" : महिलाओं को मिलेगा नया रोज़गार
कैबिनेट बैठक में एक विशेष योजना "एक बगिया मां के नाम" को भी स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत 30 हजार महिलाओं को 30 हजार एकड़ भूमि पर 30 लाख पौधे लगाने का कार्य सौंपा जाएगा। यह योजना 900 करोड़ रुपये के बजट से लागू होगी।
महिलाओं को पौधरोपण, खाद, गड्ढे खोदना, तारफेंसिंग, जलकुंड निर्माण और प्रशिक्षण की पूरी सुविधा दी जाएगी। यह योजना 1 जुलाई से 15 सितंबर तक चलेगी, जिसमें सभी विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
नदियों के उद्गम स्थल पर होगा पौधरोपण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लगभग 100 नदियों के उद्गम स्थलों पर 10-10 एकड़ भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके लिए 42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सभी जिलों में बनेगी जिला विकास सलाहकार समिति
राज्य सरकार प्रत्येक जिले में "जिला विकास सलाहकार समिति" का गठन करेगी। इसमें सांसद, विधायक, नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ ही स्वास्थ्य, विधि, इंजीनियरिंग, कृषि, डेयरी आदि क्षेत्रों के विशेषज्ञों और समाजसेवियों को शामिल किया जाएगा।
मूंग और उड़द उपार्जन के लिए लक्ष्य तय
मूंग के लिए 3.51 लाख मैट्रिक टन और उड़द के लिए 1.23 लाख मैट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य केंद्र सरकार ने तय किया है। 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन चलेगा। अब तक 2.94 लाख किसानों का मूंग और 11,495 किसानों का उड़द के लिए पंजीयन हो चुका है।
जलगंगा अभियान: जलसंरक्षण में ऐतिहासिक उपलब्धि
जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार ने अब तक 85 हजार खेत तालाब, 1 लाख से अधिक कुओं का पुनर्भरण, और 3300+ जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया है। साथ ही, 1000 से अधिक अमृत सरोवर, 2200 नालों की सफाई, और 4000 वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं।
राज्य भर में 2.30 लाख जलदूतों का पंजीकरण, 5000 से अधिक धार्मिक जल स्रोतों की सफाई और 5600 हेक्टेयर में पौधरोपण जैसे कार्य भी तेज़ी से चल रहे हैं।
मानसून में 6 करोड़ पौधे लगाने की तैयारी
डॉ. यादव ने बताया कि इस मानसून में 6 करोड़ पौधे लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। वन क्षेत्रों में 2500 से अधिक तालाब और स्टॉप डेम जैसे संरचनाएं वन्यजीवों के लिए तैयार की गई हैं। 15 हजार से अधिक जल संरचनाओं को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का कार्य भी पूर्ण हुआ है।
आगामी योजनाएं
4 जुलाई को मेधावी छात्रों को लैपटॉप वितरण किया जाएगा।
पंचक्रोशी यात्रा और नर्मदा परिक्रमा पथ का डिजिटलीकरण होगा।
"एक पेड़ मां के नाम" अभियान राज्यव्यापी जनभागीदारी से सफल बनाया जाएगा।
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