मालदीव में PM मोदी को बताया गया आतंकी : राष्ट्रपति के साले का विवादित बयान वायरल; शेख अब्दुल्लाह ने बाबरी मस्जिद तोड़ने का लगाया आरोप, फिर डिलीट की पोस्ट
News Affair Team
Fri, Jul 25, 2025
माले.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित मालदीव यात्रा से ठीक पहले एक कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साले और सलफी जमीयत संगठन के नेता शेख अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम ने PM मोदी को “आतंकवादी” बताया और उन पर बाबरी मस्जिद गिराने का आरोप लगाया है।
मालदीव के प्रतिष्ठित अखबार अधाधु के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद शेख अब्दुल्लाह ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी है। हालांकि, मालदीव सरकार की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
शेख अब्दुल्लाह ने क्या कहा था?
शेख अब्दुल्लाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा- “मोदी इस्लाम के सबसे बड़े दुश्मन हैं। उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराई, मुस्लिमों की जमीनें छीनीं और अहमदाबाद को कब्रिस्तान बना दिया। उन्हें मालदीव बुलाना एक बहुत बड़ी गलती है।”

शेख अब्दुल्लाह, राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पत्नी साजिदा मोहम्मद द्वारा संचालित एक इस्लामी संगठन से जुड़े हैं।
25 जुलाई को मालदीव पहुंचेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जुलाई 2025 को मालदीव की यात्रा पर रवाना होंगे। वे वहां 26 जुलाई को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान वे मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
यह मोदी की मालदीव की तीसरी राजकीय यात्रा होगी, जिसमें व्यापार, समुद्री सुरक्षा और जलवायु सहयोग पर प्रमुख चर्चा होने की उम्मीद है।

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति का समर्थन में बयान
इस बीच मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत का समर्थन करते हुए कहा- “अगर भारत समय पर मदद न करता, तो मालदीव की अर्थव्यवस्था दिवालिया हो जाती। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अनाज, ईंधन और क्रेडिट लाइन मुहैया कराकर हमें डिफॉल्ट से बचाया।”
नशीद के मुताबिक, 2022-23 के दौरान जब पर्यटन पूरी तरह बंद हो गया था, मालदीव गंभीर आर्थिक संकट में घिर गया था। उस समय भारत की मदद ने मालदीव को उबारने में अहम भूमिका निभाई।
PM मोदी की पूर्व यात्राएं: द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती
नवंबर 2018 – राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह के शपथ समारोह में भाग लेने गए।
जून 2019 – संसद को संबोधित किया और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
भारत-मालदीव संबंधों पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेख अब्दुल्लाह का यह बयान भारत और मालदीव के द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है, खासकर तब जब प्रधानमंत्री मोदी खुद वहां दौरे पर जाने वाले हैं। हालांकि भारत सरकार ने अब तक संयमित रुख अपनाया है।
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