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30th September 2026

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छत्तीसगढ़ में आज से बारिश की रफ्तार होगी कम : 17 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान; 30-40 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा

News Affair Team

Sun, Sep 27, 2026

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से जारी तेज बारिश के बाद रविवार से राहत के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 27 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और फैलाव में कमी आने की संभावना है। हालांकि, कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका भी है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर के लिए गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी जारी की है, जबकि 28 सितंबर से उपखंड स्तर पर कोई चेतावनी नहीं है।

बारिश की कमी के बावजूद पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण प्रदेश के कई नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर से बस्तर तक निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

रायपुर में खारुन उफान पर, पुराना पुल डूबा

रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रायपुर-दुर्ग को जोड़ने वाला पुराना पुल पानी में डूब गया है। पुल के ऊपर करीब दो फीट पानी बह रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण महादेव घाट और आसपास के क्षेत्रों में भी आवाजाही प्रभावित हुई है।

गणेश विसर्जन को देखते हुए महादेव घाट पर प्रवेश को सीमित किया गया है। समितियों के सदस्यों को दूसरे रास्ते से घाट तक पहुंचाया जा रहा है। अमलेश्वर जाने वाला रास्ता भी जलस्तर कम नहीं होने के कारण बंद है।

बस्तर में इंद्रावती उफनी, चित्रकोट का रौद्र रूप

बस्तर में इंद्रावती नदी के उफान के कारण चित्रकोट जलप्रपात का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। भारी जलप्रवाह के बीच जलप्रपात ने विकराल रूप ले लिया है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाई है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने का सिलसिला जारी रहने के कारण नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बारिश से हादसे, 3 लोगों की मौत

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नदी-नालों के तेज बहाव में लोगों के बहने की घटनाएं सामने आई हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 12 लोग पानी में बह गए, जिनमें से 3 की मौत हुई है। रायपुर और बिलासपुर में दो बच्चों के डूबने की घटनाएं हुईं, जबकि कांकेर में बारिश के कारण मकान ढहने से एक ग्रामीण की मौत हुई।

दुर्ग में 7 माह की बच्ची समेत 3 महिलाओं का रेस्क्यू

दुर्ग जिले में बाढ़ के पानी में फंसी सात माह की बच्ची समेत तीन महिलाओं को SDRF की टीम ने मोटरबोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। जिले में अब तक करीब 160 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाला जा चुका है।

जगदलपुर के पास डोंगा घाट क्षेत्र में फंसे लोगों को भी रविवार सुबह वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू किया गया। करीब 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी है।

गरियाबंद में कच्चा मकान गिरा, 4 घायल

गरियाबंद के राजापड़ाव क्षेत्र में रात के समय कच्चा मकान अचानक ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के सदस्य घर के भीतर सो रहे थे। घटना में खामसिंग विश्वकर्मा, उनकी पत्नी मैनाबाई और सात वर्षीय सुशांक विश्वकर्मा समेत चार लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

कन्हर नदी में फंसे 3 ग्रामीणों को बचाया

बलरामपुर जिले के कोटपाली-खजुरी क्षेत्र में कन्हर नदी के तेज बहाव के बीच तीन ग्रामीण फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाया। सरजू, उनकी पत्नी राजकुमारी और फूलमनिया को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों ग्राम परसाटोली के निवासी बताए गए हैं।

राहत-बचाव दल अलर्ट

बस्तर में बारिश की तीव्रता कम होने के बावजूद ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने का सिलसिला जारी है। इसके कारण इंद्रावती समेत कई नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ा हुआ है।

इंद्रावती का जलस्तर शनिवार रात 8 बजे तक 12.56 मीटर दर्ज किया गया था। यह खतरे के निशान से करीब 4.26 मीटर ऊपर बताया गया। निचले और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। नदी-नालों के जलस्तर के साथ संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस सीजन सामान्य से 5% ज्यादा बारिश

छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन समाप्त होने से पहले ही कुल बारिश सामान्य औसत से ऊपर पहुंच गई है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 26 सितंबर तक प्रदेश में 1190.7 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि पूरे मानसून सीजन का सामान्य औसत 1132.3 मिमी है। इस हिसाब से बारिश सामान्य से करीब 5.16% अधिक है।

शनिवार को कई इलाकों में जमकर बरसा पानी

शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश रिकॉर्ड हुई। प्रमुख स्थानों पर दर्ज बारिश इस प्रकार रही:

स्थान

बारिश

दुर्ग

20 सेमी

पिपरिया

19 सेमी

रायपुर शहर

18 सेमी

पखांजूर

17 सेमी

गंडई, भिलाई

16 सेमी

बोराई, बालोद, मंदिर हसौद, घुमका, धरसींवा, सिमगा, अर्जुंदा

15 सेमी

अंतागढ़, बड़े बचेली, तिल्दा, अहिवारा, नेहरपुर, कवर्धा, तखतपुर

14 सेमी

अमलीपदर, गुंडरदेही, मैनपुर, लोरमी, माकड़ी, कुकरेल, कोहकामेटा

13 सेमी

इसके अलावा बोड़ला, साल्हेवारा, नारायणपुर, बड़े राजपुर, भैसमा, माना रायपुर, केशकाल, छोटेडोंगर, धनौरा, गुरुर, सुहेला और चारामा में 12 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।

आज से कमजोर होगा मौसम सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर चला गया है। अगले 12 घंटे में इसके और कमजोर होने की संभावना है।

इसी वजह से 27 सितंबर से छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता और क्षेत्रीय फैलाव में कमी आने का अनुमान है। हालांकि, गरज-चमक और तेज हवा के साथ स्थानीय बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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