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25th October 2026

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78 की उम्र में हेमा मालिनी ने 90 मिनट की किया डांस : ‘गंगा’ बनकर मंच पर उतरीं, मां गंगा के अवतरण की भव्यता; प्रदूषण से नदी की पीड़ा दिखाई

News Affair Team

Sat, Oct 24, 2026

मथुरा.

मथुरा में ब्रज रज उत्सव 2026 की शुरुआत शुक्रवार को अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ से हुई। 78 साल की हेमा मालिनी ने मां गंगा की भूमिका निभाते हुए करीब डेढ़ घंटे तक नृत्य और अभिनय के जरिए नदी की पौराणिक यात्रा से लेकर मौजूदा हालात तक की कहानी मंच पर उतारी। प्रस्तुति में गंगा के धरती पर अवतरण, राजा भगीरथ की तपस्या और भगवान शिव की जटाओं में गंगा के समाने के प्रसंग दिखाए गए। इसके साथ ही नदी में बढ़ते प्रदूषण और उसे बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

सफेद साड़ी और आभूषणों में मंच पर उतरीं हेमा मालिनी ने भाव-भंगिमाओं और नृत्य के जरिए गंगा की महिमा के साथ उसकी पीड़ा को भी पेश किया। दूसरे कलाकारों ने भी नाटिका में नदी की बदहाल स्थिति को दर्शाया। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर की।

सतयुग से कलयुग तक दिखाई गंगा की कहानी

नृत्य नाटिका में राजा भगीरथ की तपस्या से गंगा के धरती पर आने की कथा को प्रमुखता से दिखाया गया। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने का संकल्प लिया था। गंगा की तेज धारा को संभालने के लिए भगवान शिव ने उसे अपनी जटाओं में धारण किया।

प्रस्तुति में सतयुग से कलयुग तक की यात्रा के जरिए समाज में आए बदलाव और नदी के साथ लोगों के रिश्ते को दिखाया गया। पौराणिक प्रसंगों के साथ भारतीय इतिहास और संस्कृति से जुड़े दृश्य भी नृत्य और अभिनय के माध्यम से पेश किए गए।

‘नदियों को स्वच्छ रखना है’, हेमा मालिनी ने की अपील

हेमा मालिनी ने नृत्य नाटिका के जरिए गंगा और यमुना समेत दूसरी नदियों को प्रदूषण से बचाने का संदेश दिया। प्रस्तुति में बताया गया कि जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी मानी जाने वाली नदियां मानवीय लापरवाही और प्रदूषण से प्रभावित हो रही हैं।

हेमा मालिनी ने कहा, “मैं पिछले कुछ वर्षों से प्रयागराज और बनारस जैसी जगहों पर ‘गंगा’ नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देती आ रही हूं। मेरी इच्छा थी कि यमुना के तट पर भी इस प्रस्तुति को पेश करूं। इसके जरिए हम नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने और उन्हें स्वच्छ रखने का संदेश दे रहे हैं।”

उन्होंने ब्रज रज उत्सव और ब्रज तीर्थ विकास परिषद का आभार जताते हुए लोगों से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की।

वृंदावन के स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में भी होंगे कार्यक्रम

ब्रज रज उत्सव के तहत इस बार वृंदावन के नवनिर्मित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, मथुरा के धौलीप्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड में 24 अक्टूबर से उत्सव की अन्य गतिविधियां शुरू होंगी।

आगे के कार्यक्रमों में सुदेश भोसले का मिमिक्री और संगीत कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके अलावा सौरभ जैन ‘मेरे कृष्ण’ नाटक की प्रस्तुति देंगे। उत्सव में ब्रज की संस्कृति, संगीत, नृत्य और धार्मिक परंपराओं से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों को सांस्कृतिक अनुभव देने की तैयारी है।

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