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13th March 2026

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लाइन में खड़ा प्रदेश, लकड़ी के चूल्हे पर लौटती रसोई; ब्लैक मार्केटिंग और सियासत का धुआं

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यूपी में LPG संकट : लाइन में खड़ा प्रदेश, लकड़ी के चूल्हे पर लौटती रसोई; ब्लैक मार्केटिंग और सियासत का धुआं

News Affair Team

Thu, Mar 12, 2026

लखनऊ.

सुबह के करीब साढ़े सात बजे हैं।
लखनऊ के एक मोहल्ले की गैस एजेंसी के बाहर लगभग 50 लोग लाइन में खड़े हैं।

किसी के हाथ में खाली सिलेंडर है, कोई टोकन लेकर इंतजार कर रहा है, तो कोई मोबाइल पर बुकिंग का मैसेज बार-बार देख रहा है।

लाइन में खड़ी एक बुजुर्ग महिला कहती हैं- “चार दिन पहले बुकिंग की थी। आज पांचवा दिन है। घर में गैस खत्म हो गई। कल चूल्हे पर खाना बनाया।”

पास में खड़े एक युवक बोलते हैं- “सिलेंडर मिल जाए तो ठीक, नहीं तो एजेंसी वाले कहते हैं दो दिन बाद आओ।”

उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इस समय यही तस्वीर दिखाई दे रही है।

क्या सच में यूपी में LPG की कमी है?

सरकारी आंकड़े कहते हैं-

यूपी में 4.26 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन हैं। इनमें 1.87 करोड़ उज्ज्वला योजना के तहत हैं। रोज़ाना लगभग 5 से 6 लाख सिलेंडर की खपत होती है।

सरकार का दावा है-

“गैस की कोई कमी नहीं है।”

लेकिन जमीन पर जो हो रहा है, वह अलग कहानी बता रहा है।

गोरखपुर: जब गैस एजेंसी पर पड़ा ताला

गोरखपुर में प्रशासन ने दो गैस एजेंसियों को सील कर दिया। कारण- ब्लैक मार्केटिंग।

जांच में पता चला कि सिलेंडर गोदाम में नहीं उतारे जा रहे थे। ट्रक को शहर के बाहर खड़ा किया गया था और वहां ऊंचे दाम पर बेचने की तैयारी थी। इसके बाद पूर्ति विभाग और पुलिस ने कार्रवाई की। एजेंसी मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया।

यह खबर फैलते ही शहर में चर्चा शुरू हो गई- “अगर गैस की कमी नहीं है, तो ब्लैक मार्केटिंग क्यों?”

कानपुर: सिलेंडर न मिलने पर हंगामा

कानपुर के नजीराबाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोग सुबह से लाइन में लगे थे। लेकिन जब दोपहर तक सिलेंडर नहीं मिला तो लोग भड़क गए। कुछ लोगों ने एजेंसी के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।

सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। इसके बाद लाउडस्पीकर से घोषणा की गई-

“सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न दें।”

पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे गए।

लखनऊ: सियासत भी गरम

राजधानी लखनऊ में यह मुद्दा राजनीति तक पहुंच गया। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। नारे लगे- “नाम नरेंद्र, काम सरेंडर।”

जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की तो कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए। कुछ लोग पुलिस की गाड़ी पर चढ़ गए। आखिरकार पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।

KGMU: मरीजों की थाली पर असर

गैस संकट का असर अब अस्पतालों तक पहुंच चुका है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में रोज़ करीब 2500 मरीजों के लिए खाना बनता है। लेकिन गैस की कमी के कारण अब- नाश्ते में कटौती और रोटियों की संख्या कम हो गई है। अस्पताल प्रशासन अब 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर से काम चला रहा है।

शादियों में लकड़ी का चूल्हा

गोरखपुर में बुधवार को करीब 500 शादियां थीं। लेकिन कई कैटरर्स को गैस नहीं मिली। इसके बाद लकड़ी के चूल्हे, मिट्टी के तंदूर और उपलों पर खाना बनवाया गया। एक कैटरर ने बताया कि “हमने मजबूरी में मिट्टी का चूल्हा बनवाया।”

वाराणसी: अचानक बढ़ गई चूल्हों की बिक्री

वाराणसी के लोहटिया बाजार में एक दिलचस्प बदलाव दिखा। यहां लोहे के चूल्हे बेचने वाले दुकानदारों की बिक्री बढ़ गई। दुकानदार बताते हैं कि “लोग गैस के डर से लकड़ी वाला चूल्हा खरीद रहे हैं।”

आगरा: चाय 20 से 25 रुपए

गैस संकट का असर होटल और ढाबों पर भी दिखने लगा है। आगरा में कई जगह कीमतें बढ़ गई हैं।

चीज

पहले

अब

चाय

20

25

कचौड़ी

25

30

जलेबी

30

35

एक रेस्टोरेंट मालिक कहते हैं- “कमर्शियल सिलेंडर 3000 रुपए में मिल रहा है।”

उद्योगों पर संकट

कानपुर और मेरठ की इंडस्ट्री भी प्रभावित होने लगी है। कानपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट के चेयरमैन ने कहा, 150 से ज्यादा फैक्ट्रियां प्रभावित हैं। गैस पाइपलाइन सप्लाई बंद है और उत्पादन रुकने की कगार पर पहुंच गया है। अगर हालात नहीं सुधरे तो 1 लाख लोगों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है।

मेरठ: 8000 छोटे कारखाने प्रभावित

मेरठ में गैस संकट का असर छोटे उद्योगों पर पड़ा है। करीब 50 यूनिट पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर प्लास्टिक, वायर, ग्लास और पेंट इंडस्ट्री है।

आगरा का पेठा उद्योग संकट में

आगरा का मशहूर पेठा उद्योग भी गैस पर निर्भर है। शहर में लगभग 55 बड़े पेठा कारखाने हैं। लेकिन गैस की कमी के कारण कई कारखाने बंद होने लगे हैं।

उद्योगपति कहते हैं-

“अगर गैस नहीं मिली तो हजारों कारीगर बेरोजगार हो जाएंगे।”

अयोध्या: प्रदर्शन और ज्ञापन

अयोध्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। सपा नेता पवन पांडेय ने आरोप लगाया-

“अयोध्या में गैस की भारी किल्लत है। लोग सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहते हैं।”

इसके बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा गया।

महाराजगंज: कांग्रेस का विरोध मार्च

महाराजगंज के फरेंदा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट ने कहा “देश में LPG का स्टॉक सिर्फ 10 दिन का बचा है।” हालांकि सरकार ने इस दावे की पुष्टि नहीं की।

वाराणसी: पोस्टर से मचा भ्रम

वाराणसी में एक गैस एजेंसी के बाहर पोस्टर लगाया गया। उसमें लिखा था, “ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण सरकारी निर्देश के अनुसार गोदाम से सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।”

इसके बाद लोगों में भ्रम फैल गया। कई लोग बिना सिलेंडर लिए लौट गए।

चंदौली: बुकिंग नंबर बंद

चंदौली में उपभोक्ताओं की शिकायत है, बुकिंग नंबर बंद है और काउंटर नहीं खुल रहे। लोग सुबह से लाइन में खड़े हैं।

ब्लैक मार्केटिंग का खेल

कई शहरों से शिकायतें आ रही हैं, बुकिंग के बाद 7-8 दिन इंतजार कर रहे हैं, लेकिन 1500-2000 रुपए में तुरंत सिलेंडर मिल रहा है।

सरकार क्या कह रही है?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा-

“गैस और तेल की कालाबाजारी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

गैस कंपनियों का दावा

गैस कंपनियों ने ग्राहकों को मैसेज भेजा है-

“गैस की कोई कमी नहीं है।”

लोगों से अपील की गई है कि पैनिक बुकिंग न करें।

गैस संकट के पीछे दुनिया की जंग

अब सवाल आता है, क्या यूपी में गैस संकट का कारण सिर्फ ब्लैक मार्केटिंग है? जवाब है- नहीं। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण भी हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: दुनिया की ऊर्जा की नाड़ी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक समुद्री रास्ता है। लंबाई: लगभग 167 किमी। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20% इसी रास्ते से गुजरता है।

भारत के लिए यह रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है।

युद्ध का असर, LNG प्लांट बंद

हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और बंदरगाहों पर हमले किए। इससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया।

ईरान के ड्रोन हमलों के बाद कतर ने अपना LNG प्लांट बंद कर दिया। भारत अपनी LNG का लगभग 40% कतर से आयात करता है। इससे सप्लाई पर असर पड़ा।

सरकार के कदम

स्थिति को देखते हुए सरकार ने कई फैसले लिए। रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि LPG उत्पादन बढ़ाया जाए। प्रोपेन और ब्यूटेन सिर्फ LPG बनाने में इस्तेमाल हों। सरकार अमेरिका और अन्य देशों से गैस कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है।

LPG की कीमतें भी बढ़ीं

हाल ही में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए।

घरेलू सिलेंडर

कमर्शियल सिलेंडर

पहले: 853 रुपए

अब: 913 रुपए

अब: 1883 रुपए

बुकिंग नियम बदले

सरकार ने नए नियम लागू किए।

  • पहले: 20 दिन बाद बुकिंग

  • अब: 25 दिन बाद

  • महीने में सिर्फ एक सिलेंडर

  • बुकिंग रजिस्टर्ड मोबाइल से

क्या आगे और संकट बढ़ेगा?

विशेषज्ञों का कहना है, अगर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा तो ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।

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