106 बच्चों के नाम होगी Telegram फाउंडर की ₹1.32 लाख करोड़ की संपत्ति : 100 से ज्यादा बच्चे स्पर्म डोनेशन से; हर वारिस को मिल सकते हैं ₹125 करोड़
दुबई.
टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव ने अपनी करीब 1.32 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर ऐसी वसीयत तैयार की है, जिसमें उनके कम से कम 106 बच्चों को बराबर हिस्सा मिलेगा। इनमें 6 बच्चे उनके तीन अलग-अलग पार्टनर्स से हैं, जबकि 100 से ज्यादा बच्चे स्पर्म डोनेशन के जरिए 12 देशों में पैदा हुए हैं।
खास बात यह है कि इनमें से कई बच्चों को यह जानकारी नहीं है कि डुरोव उनके जैविक पिता हैं। डुरोव का कहना है कि सभी बच्चों को संपत्ति में समान अधिकार मिलना चाहिए, ताकि भविष्य में विरासत को लेकर किसी तरह का विवाद न हो।
हर बच्चे के हिस्से में करीब ₹125 करोड़
मौजूदा संपत्ति के अनुमान के आधार पर यदि 1.32 लाख करोड़ रुपए को 106 बच्चों में बराबर बांटा जाए, तो प्रत्येक बच्चे के हिस्से में करीब 125 करोड़ रुपए आ सकते हैं। हालांकि वास्तविक विरासत में संपत्ति के मूल्य, भविष्य में बदलाव और वसीयत की कानूनी प्रक्रिया के कारण अंतिम राशि अलग हो सकती है।
12 देशों में स्पर्म डोनेशन से बच्चे
डुरोव के मुताबिक उनके 100 से ज्यादा जैविक बच्चे स्पर्म डोनेशन के जरिए पैदा हुए हैं। ये बच्चे अलग-अलग देशों में रहते हैं। डोनर के रूप में उनके स्पर्म का इस्तेमाल कई परिवारों ने किया, जिससे उनके जैविक बच्चों की संख्या 100 से ज्यादा हो गई। इनमें से कई बच्चों को अपने जैविक पिता के रूप में डुरोव की पहचान के बारे में जानकारी नहीं है।
तीन पार्टनर्स से 6 बच्चे
डुरोव के छह बच्चे उनके तीन अलग-अलग पार्टनर्स से हैं। इसके अलावा स्पर्म डोनेशन से जन्मे बच्चों को भी वे अपनी विरासत में शामिल करना चाहते हैं। उनका कहना है कि बच्चों के जन्म का तरीका उनकी नजर में उनके अधिकार तय करने का आधार नहीं होना चाहिए। सभी बच्चों को समान हिस्सा देकर वे भविष्य में संभावित विवाद से बचना चाहते हैं।
संपत्ति को लेकर पहले से बनाई योजना
डुरोव दुनिया के सबसे अमीर टेक उद्यमियों में शामिल हैं। टेलीग्राम की सफलता के साथ उनकी व्यक्तिगत संपत्ति में भी तेजी से इजाफा हुआ है। अब उन्होंने अपनी संपत्ति के भविष्य के बंटवारे की योजना पहले से तय कर दी है। इस व्यवस्था के तहत बच्चों को संपत्ति का लाभ तत्काल नहीं मिलेगा, बल्कि वसीयत में तय शर्तों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार विरासत का हस्तांतरण होगा।
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