बर्थडे की पार्टी के बहाने बुलाकर 13 साल के बच्चे की हत्या : जंगल में मिला सड़ा-गला शव, 3 नाबालिग हिरासत में; मां बोली- हत्यारे का एनकाउंटर हो तभी अंतिम संस्कार
News Affair Team
Wed, Aug 26, 2026
नोएडा.
13 साल का आयुष शुक्ला 16 अगस्त की शाम घर से यह कहकर निकला था कि वह दोस्त की बर्थडे पार्टी में जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने थाने-चौकी के चक्कर काटकर उसकी तलाश की, लेकिन पांच दिन बाद 21 अगस्त की रात सेक्टर-54 के जंगल में एक अज्ञात किशोर का सड़ा-गला शव मिला। आयुष की हत्या का आरोप उसके परिचित नाबालिगों पर है। पुलिस अब तक तीन नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
आयुष की मां और परिवार ने बेटे का शव लेने से इनकार कर दिया है। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर 20 घंटे से परिवार और 50 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मां की मांग है कि बेटे के हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

बर्थडे पार्टी के बहाने घर से निकला था आयुष
आयुष नोएडा के सेक्टर-20 का रहने वाला था और सेक्टर-24 स्थित केंद्रीय विद्यालय में 7वीं कक्षा में पढ़ता था। परिवार के मुताबिक, 16 अगस्त की शाम करीब 4 बजे वह मां और बहन से दोस्त की बर्थडे पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसके साथ सेक्टर-22 के चौड़ा गांव में रहने वाले दो क्लासमेट भी थे। देर रात तक आयुष घर नहीं लौटा तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।

थाने-चौकी के चक्कर काटती रही मां
आयुष की मां योगमाया शुक्ला नोएडा में अपनी दो बेटियों और बेटे के साथ रहती हैं। वह भंगेल सीएचसी में संविदा पर आया के पद पर काम करती हैं। मां के मुताबिक, बेटे के लापता होने के बाद उन्होंने 18 अगस्त को सेक्टर-12/22 चौकी में शिकायत की। वहां से उन्हें सेक्टर-24 और फिर सेक्टर-20 थाने भेजा गया। परिवार लगातार आयुष को खोजता रहा। इसी बीच 21 अगस्त की रात सेक्टर-54 के जंगल में पुलिस को एक अज्ञात किशोर का शव मिला।

कलावा, बेल्ट और कपड़ों से हुई पहचान
पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। इसके बाद परिवार को शव की फोटो दिखाई गई। परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे तो कलावा, बेल्ट और कपड़ों से उन्होंने आयुष की पहचान की। परिवार का आरोप है कि शव मिलने के बाद भी उन्हें समय पर इसकी जानकारी नहीं दी गई।
ADCP बोलीं- पैसों के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद
ADCP नोएडा मनीषा सिंह के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि आयुष और आरोपी नाबालिग एक-दूसरे को जानते थे। आरोपियों ने उसे पार्टी के बहाने पार्क में बुलाया था। वहां पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आयुष की हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ कर वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही
क्या हत्या में सिर्फ हिरासत में लिए गए नाबालिग शामिल थे?
पैसों के विवाद की असली वजह क्या थी?
क्या हत्या पहले से प्लान की गई थी?
आयुष को जंगल तक कौन लेकर गया?
क्या वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे?
मां बोलीं- न्याय मिलने तक शव नहीं लूंगी
आयुष की मां ने कहा कि उनका बेटा परिवार का इकलौता बेटा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, वह बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी। परिवार की मांग को देखते हुए पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है।

गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड की भी आई याद
इस मामले की तुलना गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड से की जा रही है। 28 मई को बकरीद के दिन 17 वर्षीय सूर्या की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, उसे फोन कर बुलाया गया था और बाद में चाकू से हमला किया गया।
उस मामले में मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। नोएडा के आयुष हत्याकांड में भी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे की पूरी वजह क्या थी और वारदात में कितने लोग शामिल थे।
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