नवा रायपुर में बनेगा पहला सेमीकंडक्टर प्लांट : 1300 से ज्यादा रोजगार मिलेंगे; छत्तीसगढ़ में दूसरे विशेष इकोनॉमिक जोन को मंजूरी
रायपुर.
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर हाई-टेक सेक्टर में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। राज्य को नवा रायपुर में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के तहत पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 10.13 हेक्टेयर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग आधारित एसईजेड विकसित करेगी, जहां सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।
यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके जरिए छत्तीसगढ़ में पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होगा। इससे राज्य को तकनीक आधारित उद्योगों के नए केंद्र के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही आधुनिक विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के क्षेत्र में नए निवेश के रास्ते खुलेंगे।

नवा रायपुर का यह नया एसईजेड प्रदेश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके जरिए निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और निवेशकों के लिए भी राज्य एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरेगा। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह परियोजना तकनीकी नवाचार और कौशल विकास को भी नई दिशा देगी।
परियोजना से अगले पांच वर्षों में 1300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इससे इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं को राज्य में ही रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर तकनीकी कौशल विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंजूरी राज्य में तेजी से बन रहे निवेश अनुकूल माहौल का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार बेहतर आधारभूत सुविधाओं, पारदर्शी व्यवस्था और उद्योग हितैषी नीतियों के जरिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप औद्योगिक ढांचा तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर तकनीक आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल है और यह परियोजना छत्तीसगढ़ के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। भारत सरकार के DPIIT द्वारा जारी LEADS 2025 रैंकिंग में राज्य को स्थलरुद्ध राज्यों की श्रेणी में “हाई परफॉर्मर” माना गया है। इसे राज्य की बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, औद्योगिक संपर्क और निर्यात क्षमता का संकेत माना जा रहा है।
नवा रायपुर में प्रस्तावित यह नया एसईजेड छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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