छात्राओं ने कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर को पीटा : अश्लील मैसेज भेजने का आरोप; कहता था- प्यार करता हूं, मान जाओ न यार
News Affair Team
Fri, May 30, 2025
अलीगढ़.
अलीगढ़ के श्री वार्ष्णेय कॉलेज में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया जब दर्जनों छात्राओं ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कॉलेज परिसर में ही उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीट डाला। छात्राओं ने प्रोफेसर पर अश्लील मैसेज भेजने, पीछा करने और धमकाने का आरोप लगाया है।
प्रोफेसर को मौके पर मौजूद पुलिस ने भीड़ से किसी तरह छुड़ाया और थाने ले गई। फिलहाल मामले की जांच चल रही है और प्रोफेसर का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया गया है।

क्या है पूरा मामला?
कॉलेज की छात्राओं का आरोप है कि इंग्लिश विभाग में तैनात एक असिस्टेंट प्रोफेसर उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।
एक छात्रा ने एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक और महिला आयोग को गुमनाम पत्र लिखकर शिकायत दी, जिसमें लिखा था- “प्रोफेसर मुझे पिछले दो साल से परेशान कर रहा है। कहता है कि वो मुझसे प्यार करता है। बार-बार कहता है, ‘मान जाओ न यार’। मना करने पर धमकाता है कि इसके अंजाम भुगतने होंगे।”
कॉलेज में हंगामा, छात्राओं का गुस्सा फूटा
गुरुवार को जब पुलिस कॉलेज में जांच के लिए पहुंची, तो पहले से मौजूद छात्राएं और छात्र नेताओं ने प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान जब आरोपी प्रोफेसर मौके पर आया, तो छात्राओं ने उसे घेर लिया और पीटना शुरू कर दिया।
चप्पल, जूते और लात-घूंसे से हमला होते देख पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह प्रोफेसर को वहां से निकाला और थाने ले गई।
डिजिटल सबूतों की जांच शुरू
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है, जिससे वह छात्राओं को संदेश भेजा करता था। तकनीकी टीम अब इन डिवाइसों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच करेगी।
छात्राओं ने पुलिस के सामने वॉट्सएप चैट्स और स्क्रीनशॉट्स भी दिखाए हैं, जिनमें प्रोफेसर की ओर से आपत्तिजनक और अश्लील भाषा में बातें की गई थीं।
कॉलेज ने बनाई जांच समिति
हंगामे के बाद कॉलेज प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में वरिष्ठ प्रोफेसरों को शामिल किया गया है, जो पूरे मामले की जांच करेंगे और छात्राओं से पूछताछ कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. बृजेश कुमार ने कहा- “छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। दोषी पाए जाने पर विभागीय और कानूनी दोनों स्तरों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
पुलिस जांच के बाद FIR की प्रक्रिया
एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि गुमनाम पत्र के आधार पर शुरुआती जांच की जा रही है। उन्होंने कहा- “जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।”
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