Advertisment

News Affair में आपका हार्दिक स्वागत है — आपकी अपनी हिंदी न्यूज़ पोर्टल, जहाँ हर खबर मिलती है सही, सटीक और सबसे पहले।

हमारे साथ जुड़िए देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यापार और तकनीक की हर बड़ी अपडेट के लिए। हम हैं आपकी आवाज़, आपके सवाल और आपकी जिज्ञासा के साथ — निष्पक्ष, निर्भीक और नई सोच के साथ।

23rd September 2026

ब्रेकिंग

94 साल में पहली बार ऐसा; पिच से कमाई तक 6 सवालों में समझिए पूरा गणित

अनवर इब्राहिम ने पूछा- ‘गुरु, थोड़ा सा गाने की इजाजत है?’, फिर गुनगुनाया किशोर दा का गीत

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के लिए 68.85 करोड़ रुपए; SNA स्पर्श पोर्टल से होगा भुगतान

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अभियान; बस्तर में यात्रा से लेकर ‘सरकार आपके द्वार’ तक होंगे कार्यक्रम

रायपुर में 60 करोड़ की आर्चरी अकादमी; पंडरापाठ में 25 करोड़ तक का सेंटर

रस्सी से बांधकर 7 साल की दो बच्चियों से दुष्कर्म : 17 साल के आरोपी ने चॉकलेट का लालच दिया; थानेदार लाइन हाजिर

News Affair Team

Fri, Jun 12, 2026

बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सात साल की दो बच्चियों से दुष्कर्म किया गया। 17 साल के आरोपी ने चॉकलेट देने के बहाने दोनों बच्चियों को बुलाया और रस्सी से बांधकर दुष्कर्म किया। दोनों बच्चियों के साथ मारपीट भी की गई। पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इसके बाद एसएसपी ने थानेदार को लाइन हाजिर कर दिया है। मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है।

पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी नाबालिग लंबे समय से बच्चियों को चॉकलेट का लालच देकर अपने संपर्क में ले रहा था। आरोप है कि उसने इस दौरान कई बार गलत हरकतें कीं और विरोध करने पर मारपीट भी की।

परिजनों का कहना है कि 27 मई को उन्होंने आरोपी को संदिग्ध स्थिति में पकड़ लिया था, लेकिन वह मौके से भाग निकला।

पुलिस पर लापरवाही का आरोप

पीड़ित बच्चियों की मां ने सिरगिट्टी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के बजाय उसकी मां से बातचीत में समय गंवाया।

परिजनों के अनुसार, आरोपी की मां ने पुलिस को 10–20 हजार रुपये देने की पेशकश तक की थी, जिसके बाद कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए।

सबूत सुरक्षित नहीं करने का आरोप

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत जैसे रस्सी और अन्य वस्तुएं पुलिस ने समय रहते जब्त नहीं कीं। इससे सबूत नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है।

इसके अलावा, एफआईआर दर्ज करने में भी देरी का आरोप लगाया गया है। परिवार का कहना है कि उन्हें घंटों थाने और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े।

मेडिकल जांच और पूछताछ पर भी उठे सवाल

परिजनों ने दावा किया है कि बच्चियों के मेडिकल परीक्षण में उनके निजी अंगों में दर्द और चोट के संकेत मिले हैं, फिर भी पुलिस शुरुआत में मामले को कमजोर करने की कोशिश करती रही।

वहीं आरोप है कि मासूम बच्चियों से बार-बार पूछताछ कर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप

पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिसकर्मी उन्हें मामले को “आपसी समझौते” के तहत खत्म करने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि पुलिस यह कहकर मामला शांत कराने की कोशिश कर रही थी कि आरोपी पड़ोस का ही लड़का है।

एसएसपी ने की कार्रवाई, जांच टीम बदली गई

मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसएसपी ने ASI शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं जांच का जिम्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है।

आरोपी को VIP ट्रीटमेंट देने का भी आरोप

पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि थाने में आरोपी के परिजनों को विशेष सुविधा दी गई, जबकि पीड़ित परिवार को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

परिजनों का कहना है कि आरोपी पक्ष की ओर से धमकियां भी दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार डरा हुआ है।

पीड़ित परिवार की 7 प्रमुख मांगें

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निम्न मांगें रखी हैं-

  • निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारी से जांच

  • सभी सबूत तुरंत सुरक्षित किए जाएं

  • लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई

  • थाना प्रभारी और जांच अधिकारियों को हटाया जाए

  • जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को केस से दूर रखा जाए

  • पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए

  • दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन