December 3, 2022

एवलांच में पर्वतारोही सविता कंसवाल की मौत; इसी वर्ष दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर लहराया था तिरंगा

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उत्तराखंड: उत्तरकाशी के द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी में कल हुए हिमस्खलन की चपेट कई पर्वतारोही आ गए थे। जिसमें उत्तरकाशी के लोंथरु गांव की निवासी पर्वतारोही सविता कंसवाल की निम हादसे में मौत हो गई है। सविता ने इसी साल मई माह में 15 दिन के अंदर एवरेस्ट और माउंट मकालू पर्वत सफल आरोहण कर नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया था।
मंगलवार सुबह द्रौपदी का डांडा चोटी में निम के एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स में गए प्रशिक्षकों में शामिल पर्वतारोही सविता की एवलांस में दबने से मौत हो गई। सविता उत्तरकाशी जनपद की एक उभरती हुई पर्वतारोही थी। जिसने बेहद कम समय में पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपना नाम बनाया था। सविता ने नेहरु पर्वतारोहण संस्थान से एडवांस और सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स के साथ पर्वतारोहण प्रशिक्षक का कोर्स किया था। सविता नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की एक कुशल प्रशिक्षक थी। इसी साल 12 मई को सविता ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) पर तिरंगा फहराया था।

इसके 15 दिन बाद सविता ने माउंट मकालू (8463 मीटर) पर भी सफल आरोहण किया था। उसकी सफलता से उसके क्षेत्र और जनपदभर में खुशी की लहर थी। वहीं मंगलवार देर शाम सविता की मौत की खबर आने के बाद उसके गांव सहित जनपदभर में शोक की लहर फैल गई है।

वही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी में हुए हिमस्खलन की चपेट में आने से हिमालय पुत्री सविता कंसवाल के निधन का समाचार मिलने पर अत्यंत दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सविता कंसवाल ने मई में ही माउंट एवरेस्ट फतह किया था। बाबा केदार पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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